रायगढ़। नगर निगम और नगरीय निकायों की शासकीय नजूल भूमि पर सालों से कब्जा जमाकर बैठे लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय विकास एवं राजस्व विभाग द्वारा नजूल पट्टा अधिकार अधिनियम के तहत जमीन का पट्टा बांटने की तैयारी शुरू कर दी गई है। लेकिन इस बार पट्टा पाने के लिए कड़े नियम और शर्तें तय कर दी गई हैं। साफ कर दिया गया है कि नगर निगम क्षेत्र में अधिकतम 600 वर्गफुट और अन्य नगर निकायों में 800 वर्गफुट जमीन का ही पट्टा दिया जाएगा। इससे ज्यादा जमीन पर कब्जा मिला तो अतिरिक्त हिस्सा खाली करना ही पड़ेगा।
जितना ज्यादा कब्जा, उतना हिस्सा स्वयं हटाना होगा
सरकार के नए नियमों के मुताबिक यदि किसी व्यक्ति ने नगर निगम क्षेत्र में 1000 वर्गफुट सरकारी जमीन पर कब्जा करके मकान बना लिया है, तो उसे 400 वर्गफुट जमीन खुद ही खाली करनी होगी। अगर कोई व्यक्ति अतिरिक्त जमीन खाली नहीं करता है, तो उसका पट्टा पूरी तरह निरस्त कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, प्रशासन द्वारा उस अतिरिक्त अतिक्रमण को बुलडोजर चलाकर हटा दिया जाएगा।
खाली प्लाॉट पर नहीं मिलेगा पट्टा, आवासीय होना जरूरी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल खाली जमीन घेरकर रखने वालों को पट्टा नहीं दिया जाएगा। पट्टा सिर्फ उन्हीं जमीनों का बनेगा जहां वास्तव में मकान बना हुआ है और लोग निवास कर रहे हैं। इसके अलावा वह जमीन मास्टर प्लान में आवासीय उपयोग (Residential Use) के लिए दर्ज होनी चाहिए। व्यावसायिक या अन्य श्रेणी की जमीनों पर यह नियम लागू नहीं होगा।
सांठ-गांठ रोकने के लिए 2017 की कट-ऑफ डेट लागू
सरकारी जमीनों पर फर्जी तरीके से कब्जा दिखाकर पट्टा हथियाने और सांठ-गांठ करने वालों पर लगाम कसने के लिए सरकार ने 20 अगस्त 2017 की कट-ऑफ तारीख तय की है। इसका मतलब यह है कि पट्टा केवल उन्हीं को मिलेगा जो 20 अगस्त 2017 से पहले से उस जमीन पर मकान बनाकर रह रहे हैं।
पात्रता साबित करने के लिए आवेदकों को 20 अगस्त 2017 से पहले जारी किए गए निम्नलिखित दस्तावेजों में से कोई प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा:
1. मतदाता सूची में नाम (वोटर आईडी)
2. पुराना बिजली बिल या टेलीफोन बिल
3. नगर निगम की संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) या जलकर रसीद
4. दुकान अनुज्ञा (दुकान लाइसेंस)
5. 2017 से पहले का आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस
15 अगस्त 2026 तक शहर के हर वार्ड में चलेगा सर्वे
फिलहाल नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें शहर के सभी वार्डों में जाकर जमीनों की नाप-जोख कर रही हैं। कौन कितने क्षेत्रफल पर काबिज है और मकान 2017 से पहले का है या नहीं, इसकी पूरी सूची तैयार की जा रही है। यह सर्वे का काम 15 अगस्त 2026 तक लगातार जारी रहेगा। सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही पात्र हितग्राहियों को पट्टे का वितरण किया जाएगा।






