रायगढ़। जोरापाली स्थित जगदम्बा ट्रेलर्स में सेंट्रल GST की कार्रवाई को लेकर प्रकाशित खबर अब विवादों में घिरती नजर आ रही है। भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने प्रकाशित समाचार पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे उनके और उनके परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली झूठी एवं भ्रामक खबर बताया है।
उमेश अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर सार्वजनिक बयान जारी कर कहा है कि दैनिक समाचार पत्र में उनके नाम का उल्लेख करते हुए उनके परिवार द्वारा संचालित जगदम्बा ट्रेलर्स से संबंधित खबर प्रकाशित की गई है, जिसका वे स्पष्ट रूप से खंडन करते हैं।
‘खबर गलत है तो तीन दिन में खंडन और माफी छापें’
उमेश अग्रवाल ने अपने बयान में समाचार पत्र को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि यदि प्रकाशित समाचार तथ्यहीन है, तो आगामी तीन दिनों के भीतर मुख्य पृष्ठ पर खबर का खंडन और क्षमा-याचना प्रकाशित की जानी चाहिए।
उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक तरीके से खंडन एवं क्षमा-याचना प्रकाशित नहीं की जाती है, तो वे अपने संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए संबंधित समाचार पत्र के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की कार्रवाई करेंगे।
परिवार द्वारा संचालित प्रतिष्ठान का नाम जोड़ने पर सवाल
उमेश अग्रवाल की आपत्ति का सबसे बड़ा केंद्र यह है कि समाचार में उनके नाम को उनके परिवार द्वारा संचालित जगदम्बा ट्रेलर्स से जोड़कर प्रस्तुत किया गया। उनका कहना है कि इस तरह की खबर से उनकी और उनके परिवार की सामाजिक एवं सार्वजनिक छवि प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने इसे महज एक सामान्य समाचार का मामला नहीं मानते हुए अपनी प्रतिष्ठा से जुड़ा गंभीर विषय बताया है।
अखबार की खबर में क्या कहा गया था?
प्रकाशित खबर की कटिंग के अनुसार, जोगरापाली स्थित जगदम्बा ट्रेलर्स में सेंट्रल GST की टीम के पहुंचने और कारोबारी लेन-देन तथा टैक्स से संबंधित दस्तावेजों की जांच किए जाने का उल्लेख है। खबर में टीम द्वारा रिकॉर्ड खंगाले जाने की बात कही गई है।
हालांकि, उमेश अग्रवाल ने इस खबर की प्रस्तुति और उसमें उनके नाम के उल्लेख पर गंभीर सवाल उठाए हैं और इसे गलत बताया है।
अब आमने-सामने दो दावे
इस पूरे मामले में अब तस्वीर दो अलग-अलग दावों के बीच खड़ी है। एक ओर प्रकाशित समाचार में GST टीम की कार्रवाई और रिकॉर्ड की जांच का उल्लेख किया गया है, वहीं दूसरी ओर उमेश अग्रवाल ने सार्वजनिक रूप से उस खबर को झूठा और भ्रामक बताते हुए उसका खंडन किया है।
ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रकाशित खबर में उमेश अग्रवाल के संबंध में किए गए दावों का आधार क्या था और क्या समाचार पत्र उनके द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देता है?
तीन दिन की चेतावनी ने बढ़ाई हलचल
उमेश अग्रवाल की ओर से तीन दिन की समय-सीमा और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी के बाद मामला और गरमा गया है। यदि उनके मुताबिक निर्धारित समय में खंडन और क्षमा-याचना प्रकाशित नहीं होती है, तो मामला कानूनी स्तर तक पहुंच सकता है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि समाचार पत्र की ओर से क्या जवाब आता है और क्या प्रकाशित खबर के संबंध में कोई स्पष्टीकरण या खंडन सामने आता है।
जंनता टॉप.कॉम की टिप्पणी: इस रिपोर्ट में उमेश अग्रवाल द्वारा सार्वजनिक रूप से लगाए गए आरोप और उनका पक्ष प्रमुखता से रखा गया है। प्रकाशित GST कार्रवाई संबंधी खबर तथा उमेश अग्रवाल के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जंताटॉप.कॉम द्वारा नहीं की गई है। संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का पूरा अधिकार है।