शिव शक्ति स्टील प्लांट में खौफनाक लापरवाही: 140 फीट ऊंचे ‘मौत के कुएं’ में 430 रुपये में झोंके जा रहे मासूम ग्रामीण! बिना सेफ्टी किट चप्पल में काम कर रहे दो मजदूर गर्म फ्लाई ऐश से झुलसे
रायगढ़ (जनतातॉप.कॉम)। औद्योगिक नगरी रायगढ़ के चक्रधर नगर स्थित शिव शक्ति स्टील प्राइवेट लिमिटेड प्लांट से मजदूरों के शोषण और सुरक्षा में बड़ी चूक की रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। प्लांट में 140 फीट की खौफनाक ऊंचाई पर, जहां से आग के शोलों की तरह दहकता गर्म डस्ट और फ्लाई ऐश गिरता है, वहां पास के जूनवानी और आसपास के सीधे-सादे छत्तीसगढ़िया ग्रामीणों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है।
महज 430 रुपये की दिहाड़ी के लिए इन मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण (सेफ्टी किट) के सीधे मौत के मुहाने पर धकेल दिया गया है।
चप्पल पहनकर 140 फीट ऊपर सफाई, गर्म फ्लाई ऐश गिरने से पैर झुलसे
लापरवाही की हद तो तब पार हो गई जब जूनवानी गांव के दो मजदूर बिना सेफ्टी जूतों के, सिर्फ पैरों में चप्पल पहने 140 फीट ऊपर खतरनाक डस्ट सफाई के काम में तैनात थे। इसी दौरान उनके ऊपर उबलता हुआ गर्म फ्लाई ऐश डस्ट गिर गया, जिससे दोनों मजदूरों के पैर बुरी तरह झुलस गए। दर्द से तड़पते मजदूरों से जब बातचीत की गई तो प्लांट के अंदर चल रहे एक बड़े काली कमाई और शोषण के रैकेट का पर्दाफाश हुआ।
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ना PF, ना बीमा: ‘घोष दादा’ नाम के ठेकेदार के भरोसे मजदूरों की जिंदगी!
पीड़ित मजदूरों ने बताया कि जान जोखिम में डालने के बावजूद ना तो उनका पीएफ (PF) कटता है और ना ही उनका कोई दुर्घटना बीमा है। आरोप है कि ‘घोष दादा’ नाम का एक कथित मजदूर माफिया प्लांट प्रबंधन की शह पर इन ग्रामीणों का शोषण कर रहा है। प्लांट प्रबंधन ने पूरी तरह से अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रखा है; उन्हें मजदूरों की सुरक्षा से कोई सरोकार नहीं है, वे सिर्फ ठेकेदार घोष के जरिए काम भुनाने में लगे हैं।
BJMTUC का हल्ला बोल ऐलान, प्रशासन के रुख पर टिकीं निगाहें
इस अमानवीय घटनाक्रम और सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाए जाने पर मजदूर संगठनों में भारी आक्रोश है। BJMTUC के जिलाध्यक्ष दीपलाल निराला ने जनतातॉप.कॉम से सीधी बात करते हुए कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि उनकी टीम जल्द ही शिव शक्ति स्टील प्लांट प्रबंधन और दोषी ठेकेदार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर उग्र ‘हल्ला बोल’ आंदोलन करेगी।
अब देखना यह होगा कि खून-पसीने की कमाई पर पल रहे इस प्लांट प्रबंधन और ठेकेदार की दादागिरी पर श्रम विभाग और स्थानीय प्रशासन क्या कड़ी कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा!