पुसौर (जनतातॉप.कॉम)। रायगढ़ जिले के पुसौर थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 28 अगस्त की रात लगभग 9:00 बजे का वक्त, गांव पड़ी का सन्नाटा और एक सामाजिक कार्यक्रम की तैयारी… लेकिन इस सब के बीच पर्दे के पीछे एक ऐसा खेल खेला गया, जिसकी पटकथा खाकी के कुछ करिंदों ने लिखी थी।
क्या हुआ था उस रात?
खबरों के मुताबिक, ग्राम पड़ी निवासी एक व्यक्ति गांव में आयोजित सामाजिक कार्यक्रम में सेवा दे रहे श्रमिकों की थकान मिटाने के लिए 15 से 20 क्वार्टर देशी शराब लेकर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में खाकी वर्दीधारी सिपाहियों ने उसे घेर लिया। कार्रवाई का खौफ दिखाकर पहले तो बात ‘साहब’ तक पहुंचने का हवाला दिया गया और सीधे ₹50,000 की भारी-भरकम मांग रख दी गई।
सस्पेंस और सेटलमेंट की पूरी कहानी:
जब पीड़ित पक्ष के पास इतने पैसे नहीं दिखे, तो खाकी की टेबल पर सौदेबाजी शुरू हुई। काफी जोड़-तोड़ और बातचीत के बाद मामला आखिर ₹25,000 में ‘सेट’ हो गया। नगद रकम हाथ में आते ही कानूनी नियम-कायदे हवा में उड़ा दिए गए और मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
पुख्ता सबूत और CCTV का शिकंजा:
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब यह बात सामने आई कि इस लेन-देन के ठोस साक्ष्य और सबूत अब सामने आ चुके हैं। 28 अगस्त की रात 9:00 बजे पुसौर थाने के आसपास और परिसर में लगे CCTV कैमरे इस पूरे ‘खेल’ के सबसे बड़े प्रत्यक्ष गवाह हैं।
फिलहाल, ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जिन कंधों पर कानून की सुरक्षा का जिम्मा है, वही वसूली का केंद्र बने हुए हैं। अब देखना यह होगा कि मामले के साक्ष्य उजागर होने के बाद पुलिस के उच्च अधिकारी इन सिपाहियों पर क्या कार्रवाई करते हैं!