“ये रिश्ता क्या कहलाता है?” का दांव पड़ा उल्टा! शराब माफिया दुष्यंत पटेल पर सियासी संग्राम, कांग्रेस-भाजपा में फोटो वॉर शुरू
रायगढ़। नकली शराब के काले कारोबार पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई के बाद अब मामला सिर्फ अपराध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सियासत के अखाड़े में भी उतर चुका है। 8 जून 2026 को हुई पुलिस कार्रवाई में पकड़े गए कथित शराब कारोबारी दुष्यंत पटेल को लेकर सोशल मीडिया पर कांग्रेस और भाजपा के बीच जमकर फोटो युद्ध छिड़ गया है।
आरोप है कि कोरोना काल से ही दुष्यंत पटेल नकली शराब का अवैध कारोबार चला रहा था। बताया जा रहा है कि शराब में हानिकारक रसायन मिलाकर उसे बाजार में खपाया जाता था। चर्चा यह भी है कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के दौरान भी एक नकली शराब फैक्ट्री को लेकर खूब शोर मचा था, लेकिन तंत्र की सुस्ती और कार्रवाई की कमी के कारण मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
करीब छह साल बाद अब एसएसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने जिस तरह इस कथित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, उसकी चर्चा पूरे जिले में हो रही है। कई लोग इसे ऐसा किला बता रहे हैं जिसे अभेद्य माना जा रहा था।

कांग्रेस ने दिखाई ओपी चौधरी के साथ फोटो, भाजपा ने निकाली कांग्रेस कनेक्शन की फाइल
कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर कांग्रेस समर्थकों ने दुष्यंत पटेल की भाजपा विधायक एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी के साथ तस्वीरें पोस्ट करते हुए तंज कसना शुरू कर दिया। पोस्टों में लिखा गया – “ये रिश्ता क्या कहलाता है?”
लेकिन मामला यहीं नहीं रुका।
भाजपा नेताओं ने भी दुष्यंत पटेल की सोशल मीडिया प्रोफाइल खंगालनी शुरू कर दी। भाजपा का दावा है कि प्रोफाइल में दुष्यंत स्वयं को यूथ कांग्रेस का सदस्य बताता रहा है। इसके अलावा उसकी कई तस्वीरें कांग्रेस के पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक उमेश पटेल के साथ भी दिखाई दे रही हैं। यही तस्वीरें अब सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रही हैं।

ओपी चौधरी ने क्या कहा?
इस पूरे विवाद पर जब वित्त मंत्री और रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी से बात की गई तो उन्होंने साफ कहा कि वे दुष्यंत पटेल को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते।
ओपी चौधरी के अनुसार,
“मैं दुष्यंत पटेल को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता। आघारिया समाज से जुड़े कई लोग विभिन्न अवसरों पर बधाई देने आते रहते हैं। संभव है उसी दौरान वह भी फोटो में शामिल रहा हो।”
जनता बोली – हर बार उल्टा पड़ रहा दांव!
सोशल मीडिया पर अब जनता भी जमकर चुटकी ले रही है। कई लोग टिप्पणी कर रहे हैं कि हाल के दिनों में कांग्रेस द्वारा उठाए गए कई मुद्दे आखिरकार उसी के लिए असहज सवाल खड़े कर रहे हैं।
कुछ यूजर्स करण अग्रवाल प्रकरण का जिक्र करते हुए लिख रहे हैं कि जिस तरह उस मामले में राजनीतिक हमला उल्टा पड़ गया था, उसी तरह अब दुष्यंत पटेल प्रकरण में भी तस्वीरों की राजनीति कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी करती दिख रही है।
असली सवाल अभी भी बाकी
हालांकि राजनीतिक फोटोबाजी और सोशल मीडिया युद्ध के बीच सबसे बड़ा सवाल अभी भी वही है—
यदि नकली शराब का यह कारोबार वर्षों से चल रहा था तो आखिर इतने लंबे समय तक उस पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
जनता अब सिर्फ तस्वीरों का सच नहीं, बल्कि नकली शराब के पूरे नेटवर्क का सच जानना चाहती है। क्योंकि फोटो में कौन किसके साथ खड़ा था, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि आखिर लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाले इस कारोबार को संरक्षण किसका मिला और इतने वर्षों तक यह चलता कैसे रहा?
फिलहाल रायगढ़ की राजनीति में एक ही डायलॉग सबसे ज्यादा सुनाई दे रहा है—
“ये रिश्ता क्या कहलाता है… और आखिर किसका दांव किस पर भारी पड़ गया?”
— Jantatop.Com






