रायगढ़/अंचल (जनताटॉप.कॉम विशेष): रूंगटा प्लांट की जनसुनवाई भले ही फिलहाल टल गई हो, लेकिन पर्दे के पीछे का ‘खेल’ बदस्तूर जारी है। खबर गरम है कि आज नहीं तो कल होने वाली इस जनसुनवाई को साधने के लिए 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले प्रभावशाली लोगों, संभावित ‘विघ्नहर्ताओं’ और स्थानीय नेताओं की एक लंबी सूची तैयार की गई है। फॉर्मूला सीधा है—जिसको जो चाहिए, वो दो और अपने पाले में लाओ!
लेकिन इसी ‘पाला बदलो और लाभ पाओ’ के चक्कर में अंचल के एक मंडल अध्यक्ष को लेने के देने पड़ गए।
क्या है पूरा माजरा?
सूत्रों की मानें तो प्लांट से मिलने वाले किसी संभावित लाभ या काम का ‘टेंडर’ एक स्थानीय सरपंच के नाम पर फिक्स हो रहा था। लेकिन हमारे चतुर मंडल अध्यक्ष जी ने सोचा—साहब हम हैं, तो मलाई सरपंच क्यों खाए? उन्होंने धोखे से उस डील को अपने खाते में भुनाने का पूरा ‘मास्टरप्लैन’ सेट कर लिया।
कहते हैं न, काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती! सरपंच साहब को जैसे ही पता चला कि उनकी पीठ पीछे खेल हो गया है, उनका पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
सार्वजनिक मंच और गर्मागर्मी
फिर क्या था? एक सार्वजनिक स्थान पर दोनों का सामना हो गया। शुरुआत तीखी बहसा-बहसी से हुई। मंडल अध्यक्ष जी अपनी अकड़ में थे और सरपंच साहब अपने हक के मारे जाने के गुस्से में। बहस इतनी बढ़ी कि शब्दों की मर्यादा टूट गई और मामला सीधे “हाथापाई” तक जा पहुंचा! बताया जा रहा है कि गुस्से में तमतमाए सरपंच साहब ने मंडल अध्यक्ष जी पर हाथ तक छोड़ दिया।
कैमरे में कैद हुआ ‘हाई-वोल्टेज ड्रामा’
यह पूरा वाकया जब घट रहा था, तब दूर खड़े कुछ तमाशबीनों ने अपने मोबाइल कैमरे ऑन कर लिए। यह पूरा ड्रामा वीडियो में कैद हो चुका है।
जनताटॉप.कॉम का रुख:
jantatop.com अपने पत्रकारिता के मूल्यों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल इस वीडियो को सार्वजनिक करना उचित नहीं समझता। लेकिन अगर भविष्य में यह ‘डीलबाजी’ और ‘हाथापाई’ का मामला कोई नया मोड़ लेता है या पुलिस-प्रशासन तक पहुंचता है, तो जनताटॉप.कॉम अपने पाठकों के लिए इस पूरी इनसाइड स्टोरी का धागा-धागा खोलकर विश्लेषण साझा करेगा।
तब तक बने रहिए हमारे साथ… क्योंकि रूंगटा की जनसुनवाई से पहले अभी कई और ‘मुखौटे’ उतरने बाकी हैं!





