
रायगढ़, रायगढ़ शहर से लगे क्षेत्र में स्थित सिंघल स्टील कंपनी द्वारा वर्षों से जमा किए जा रहे फ्लाई ऐश के विशाल कृत्रिम पर्वत को लेकर स्थानीय नागरिकों ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कंपनी द्वारा पर्यावरणीय नियमों एवं एनजीटी के दिशा-निर्देशों की अनदेखी करते हुए फ्लाई ऐश का बड़े पैमाने पर भंडारण किया गया है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। उड़ने वाली राख और धूल के कारण स्थानीय नागरिकों को दमा, खांसी, जुकाम, आंखों में जलन सहित विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि फ्लाई ऐश का यह कृत्रिम पर्वत न केवल मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गया है, बल्कि आसपास के वन क्षेत्रों, वन्य प्राणियों एवं प्राकृतिक जल स्रोतों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। कंपनी से निकलने वाले अपशिष्ट, फ्लाई ऐश एवं दूषित पानी के जंगलों और जल स्रोतों में पहुंचने से पर्यावरण को गंभीर क्षति होने की आशंका जताई गई है।
आवेदक अमर सिंह राजपूत ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी आवेदन प्रस्तुत किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने पर्यावरण विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा फ्लाई ऐश के कृत्रिम पर्वत को तत्काल हटाने की मांग की है।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्रवासियों को जनहित में चरणबद्ध जन आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।






