7 साल बाद बदला फैसला! महाराणा प्रताप चौक की जमीन पर निगम को क्यों आई नई समझ? परिषद में गूंजे सवाल
रायगढ़। नगर निगम की परिषद बैठक में महाराणा प्रताप चौक का मुद्दा गर्मा गया। जिस स्थान को वर्ष 2019 में पूरी प्रक्रिया के बाद चौक निर्माण के लिए स्वीकृति दी गई थी, अब उसी जगह को अनुपयुक्त बताकर नया स्थान तलाशा जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सात साल बाद निगम को यह एहसास क्यों हुआ?
दस्तावेजों के मुताबिक, पहले कोतरा रोड थाना के पास महाराणा प्रताप चौक बनाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन अब तर्क दिया जा रहा है कि उक्त स्थल राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र में है और फोरलेन सड़क निर्माण के कारण वहां पर्याप्त जगह नहीं बची है। इसके चलते अब वाटर वर्ल्ड रिसोर्ट के पास नया चौक बनाने का प्रस्ताव सामने आया है।
स्वीकृति देते समय क्या सो रहा था सिस्टम?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब 2019 में स्थल चयन किया गया था, तब क्या अधिकारियों ने यह नहीं देखा कि सड़क चौड़ीकरण और राष्ट्रीय राजमार्ग की परियोजनाएं प्रस्तावित हैं? क्या बिना तकनीकी परीक्षण और भविष्य की योजनाओं का अध्ययन किए ही स्वीकृति दे दी गई थी?
शहर में अब यह चर्चा तेज हो गई है कि यदि शुरुआत में ही गंभीरता से सर्वे कराया गया होता तो आज चौक के लिए नई जगह तलाशने की नौबत नहीं आती।
फाइलों में दौड़ता रहा चौक, जमीन पर नहीं उतर सका सपना
महाराणा प्रताप चौक का प्रस्ताव वर्षों तक फाइलों में घूमता रहा, लेकिन धरातल पर एक ईंट तक नहीं लग पाई। अब जब निर्माण की बारी आई तो पुराना स्थान ही अनुपयुक्त घोषित कर दिया गया। इससे योजना निर्माण और विभागीय समन्वय पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
अब परिषद के फैसले पर टिकी निगाहें
मामला फिलहाल परिषद के अंतिम निर्णय के लिए रखा गया है। मंजूरी मिलने के बाद ही यह तय होगा कि महाराणा प्रताप चौक आखिर किस स्थान पर बनेगा और वर्षों से लंबित यह योजना कब धरातल पर उतरेगी।
फिलहाल शहर में एक ही सवाल गूंज रहा है— “जब चौक की जगह 2019 में तय हो गई थी, तो 2026 में आकर वह अचानक गलत कैसे हो गई?”






