जो कदम बहुत पहले उठाया जाना चाहिए था, वह अब जाकर लागू हुआ है। रायगढ़ में पंचधारी एनीकट को लेकर प्रशासन ने आखिरकार कड़ा रुख अपनाते हुए वहां प्रवेश पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है। “देर आए, दुरुस्त आए” की कहावत इस फैसले पर बिल्कुल फिट बैठती है।
पिछले समय में हुई अप्रिय घटनाओं ने बार-बार खतरे का संकेत दिया, लेकिन अब जाकर प्रशासन हरकत में आया है। हालांकि, इस स्थिति के लिए केवल प्रशासन को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त नहीं होगा।
जिम्मेदारी साझा है:
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प्रशासन ने देर से सही, लेकिन ठोस कदम उठाया
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वहीं अभिभावकों की भी बड़ी भूमिका है
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बच्चों और युवाओं की निगरानी व मार्गदर्शन की कमी भी सामने आई
कई बार चेतावनियों के बावजूद युवा जोखिम उठाकर एनीकट जैसे खतरनाक क्षेत्रों में पहुंचते रहे, जिससे हादसे होते रहे। ऐसे में जरूरी है कि पालक अपने बच्चों को समझाएं, सतर्क करें और ऐसे स्थानों से दूर रखें।
अब प्रशासन ने:
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पिकनिक, पार्टी और टूर पर रोक लगा दी है
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पुलिस चेक पोस्ट और पेट्रोलिंग बढ़ा दी है
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खतरनाक जगहों पर बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं







