रायगढ़। जिले में कचरा बीनने, भिक्षावृत्ति करने और बाल श्रम में लगे बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा “रेस्क्यू अभियान” चलाया जा रहा है। मिशन वात्सल्य के तहत संचालित इस अभियान का उद्देश्य ऐसे बच्चों को असुरक्षित और शोषणपूर्ण परिस्थितियों से बाहर निकालकर शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार सड़कों, बाजारों, ढाबों, औद्योगिक क्षेत्रों और कचरा संग्रहण स्थलों पर काम कर रहे बच्चों की पहचान की जाएगी। इसके बाद संबंधित विभागों के सहयोग से उनका रेस्क्यू कर स्वास्थ्य परीक्षण, काउंसलिंग और पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अभियान के तहत बाल श्रम, भिक्षावृत्ति और अपशिष्ट संग्रहण में लगे बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिलाने के साथ ही आवश्यकतानुसार बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत कर उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने का प्रयास किया जाएगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। यदि कोई बच्चा भीख मांगता, कचरा बीनता या मजदूरी करता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दी जा सकती है। विभाग का कहना है कि एक सूचना किसी बच्चे की जिंदगी बदल सकती है।
अभियान में महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, पुलिस विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति तथा अन्य संबंधित संस्थाएं मिलकर कार्य कर रही हैं.
“सड़कों से स्कूल तक: बाल श्रम और भिक्षावृत्ति में फंसे बच्चों को बचाने निकला प्रशासन”
मिशन वात्सल्य के तहत रायगढ़ में रेस्क्यू अभियान शुरू, 1098 पर सूचना देकर बन सकते हैं बच्चों के भविष्य के भागीदार।
Jantatop.Com | रायगढ़ समाचार।






