स्टील प्लांट विस्तार पर मांगे गए सुझाव-आपत्तियां, ग्रामीणों और प्रभावितों की राय होगी अहम
रायगढ़ में फिर गूंजेगी जनसुनवाई की घंटी! मोनेट इस्पात के मेगा विस्तार पर जनता से मांगे गए सुझाव-आपत्तियां
रायगढ़। जिले के औद्योगिक क्षेत्र तमनार में एक बार फिर उद्योग और पर्यावरण के बीच संतुलन को लेकर बहस तेज होने वाली है। मोनेट इस्पात एंड एनर्जी लिमिटेड के प्रस्तावित मेगा विस्तार प्रोजेक्ट पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सार्वजनिक सूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही क्षेत्र के ग्रामीणों, किसानों और प्रभावित लोगों से सुझाव, आपत्तियां और टिप्पणियां मांगी गई हैं।
कंपनी द्वारा फेरो अलॉय प्लांट, स्टील प्लांट, डीआरआई यूनिट, सिंटर प्लांट, कैप्टिव पावर प्लांट समेत कई इकाइयों की क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। परियोजना क्षेत्र का विस्तार भी प्रस्तावित है, जिसके बाद उद्योग का दायरा पहले से कहीं अधिक बड़ा हो जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण मंडल ने स्पष्ट किया है कि परियोजना से जुड़े किसी भी पक्ष को अपनी आपत्ति या सुझाव दर्ज कराने का अधिकार है। सूचना जारी होने की तिथि से 30 दिनों के भीतर संबंधित कार्यालय में लिखित आवेदन प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
सबसे अहम बात यह है कि इस परियोजना को लेकर 2 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। जनसुनवाई में कंपनी के विस्तार से रोजगार, विकास, प्रदूषण, पर्यावरणीय प्रभाव और स्थानीय हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
क्षेत्र में पहले से ही उद्योगों के विस्तार और पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में यह जनसुनवाई केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि उद्योग और जनता के बीच संवाद का बड़ा मंच साबित हो सकती है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जनसुनवाई में ग्रामीण और प्रभावित पक्ष कंपनी के प्रस्तावित विस्तार पर क्या रुख अपनाते हैं और पर्यावरणीय चिंताओं को लेकर कौन-कौन से सवाल उठते हैं।






