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📍 रायगढ़
रायगढ़ विधायक ने इतवारी बाजार से सिंदूर पार्क तक के विकास कार्य को रायगढ़ के इतिहास और भविष्य को जोड़ने वाला कदम बताते हुए कहा कि इतवारी बाजार सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि शहर की धड़कन और शहरवासियों की भावनाओं से जुड़ी पहचान रहा है।
उन्होंने कहा कि 80 साल से अधिक पुराने इतवारी बाजार में हर रविवार गांव-गांव से किसान, कारीगर, महिलाएं और छोटे व्यापारी पहुंचते थे। यहां की रौनक, बांस-बल्ली की दुकानें, सब्जियों की खुशबू और बच्चों की चहल-पहल रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा रही है।
ओपी चौधरी ने कहा कि समय के साथ बाजार में जाम, गंदगी और अतिक्रमण की समस्या बढ़ती गई। पिछली सरकारों ने इसे सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया, लेकिन शहर की विरासत मानकर व्यवस्थित करने की दिशा में गंभीर प्रयास नहीं किए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इतवारी बाजार को खत्म नहीं किया जा रहा है और बाजार अपनी व्यवस्था के साथ यथावत रहेगा। व्यापारियों, सब्जी विक्रेताओं और आम नागरिकों के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है।
ओपी चौधरी ने कहा कि जब बाजार को व्यवस्थित करने और शहर को आधुनिक ऑक्सीज़ोन देने की बात हुई तो कुछ लोगों ने इसे इतिहास मिटाने का मुद्दा बनाने की कोशिश की, जबकि वास्तविकता यह है कि इतिहास को संवारकर सम्मान देने का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रायगढ़ जैसे औद्योगिक शहर को बाजार के साथ-साथ हरियाली, स्वच्छ वातावरण और लोगों के लिए खुले सार्वजनिक स्थानों की जरूरत है। इसी सोच के साथ सिंदूर पार्क की परिकल्पना की गई है।
उन्होंने बताया कि सिंदूर पार्क में लाखों पौधे, म्यूजिकल फाउंटेन, जॉगिंग ट्रैक, ओपन जिम, चिल्ड्रन पार्क और ऑपरेशन सिंदूर की शौर्य गैलरी विकसित की जा रही है। जहां कभी अव्यवस्था और भीड़ थी, वहां अब आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया जा रहा है।







