575 ट्रकों का कोयला गायब! एनटीपीसी के सबसे बड़े कोयला चोरी कांड में अब सीबीआई की एंट्री, बयान दर्ज होते ही मचा हड़कंप
रायगढ़। जिले में चर्चित एनटीपीसी लारा कोयला चोरी मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। करोड़ों रुपये के इस कथित घोटाले में अब सीबीआई ने आधिकारिक रूप से बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि मामले में कई महत्वपूर्ण लोगों से पूछताछ की जा रही है और ट्रकों के नंबरों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। इससे लंबे समय से सुस्त पड़ी जांच में फिर से हलचल तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, 28 अप्रैल 2023 से 22 मई 2024 के बीच 575 ट्रकों के बराबर कोयले के गायब होने का मामला सामने आया था। प्रारंभिक जांच में ट्रकों के नंबर, दस्तावेज और परिवहन रिकॉर्ड के आधार पर गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले थे। अब सीबीआई इन्हीं तथ्यों की बारीकी से जांच कर रही है और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, रायगढ़ शहर के कई कोयला कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों और अन्य संबंधित पक्षों को भी नोटिस जारी किए गए हैं। जांच एजेंसी ट्रकों की आवाजाही, परिवहन दस्तावेज, स्टॉक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों का मिलान कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित तौर पर गायब हुआ कोयला आखिर कहां गया और इससे किसे लाभ पहुंचा।
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कथित तौर पर करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। यदि जांच में सभी आरोप और दस्तावेज सही पाए जाते हैं, तो आने वाले दिनों में कई बड़े नाम जांच के दायरे में आ सकते हैं। वहीं जिन लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, उनकी भूमिका भी जांच के बाद साफ होगी।
अब पूरे जिले की नजर सीबीआई की अगली कार्रवाई पर टिकी है। सवाल यह है कि क्या 575 ट्रकों के कोयले का पूरा सच सामने आएगा? क्या इस कथित घोटाले के जिम्मेदार लोगों तक जांच पहुंचेगी? या फिर यह मामला भी लंबे समय तक फाइलों में ही उलझा रहेगा? इसका जवाब आने वाले दिनों में सीबीआई की जांच से सामने आएगा।






