भाजपा को बड़ा झटका! पूर्व भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने पार्टी की
रायगढ़। भारतीय जनता पार्टी को रायगढ़ जिले में बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष, भाजयुमो की राष्ट्रीय टीम के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे तथा आदिवासी समाज के प्रभावशाली नेता रवि भगत ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अध्यक्ष भाजपा रायपुर मंडल रेशम होता को अपना त्यागपत्र सौंपते हुए निजी कारणों का हवाला दिया है।
रायगढ़ जिले की लैलूंगा विधानसभा से आने वाले रवि भगत लंबे समय से भाजपा और हिंदुत्व की विचारधारा के मुखर समर्थक माने जाते रहे हैं। संगठन में उनकी पहचान एक जमीनी, संघर्षशील और हिंदूवादी विचारधारा को मजबूती से आगे बढ़ाने वाले नेता के रूप में रही है। उनकी धर्मपत्नी वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य हैं।
अपने त्यागपत्र में रवि भगत ने लिखा है कि भाजपा ने एक छोटे से गांव के व्यक्ति को जो सम्मान और पहचान दी, उसके लिए वे पार्टी के प्रति सदैव आभारी रहेंगे। हालांकि निजी कारणों से वे प्राथमिक सदस्यता छोड़ रहे हैं और उनके त्यागपत्र को स्वीकार करने का आग्रह किया है। उन्होंने अपने पत्र की प्रतिलिपि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और रायगढ़ जिला अध्यक्ष को भी प्रेषित की है।
इधर, रवि भगत के इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की कथित मनमानी, लंबे समय से संघर्ष कर रहे पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और संगठन में बढ़ती नाराजगी इस फैसले की बड़ी वजह मानी जा रही है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। स्वयं रवि भगत ने अपने त्यागपत्र में केवल “निजी कारणों” का ही उल्लेख किया है और भाजपा की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
रायगढ़ और विशेषकर लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र में रवि भगत का मजबूत जनाधार माना जाता है। ऐसे में उनके इस्तीफे को केवल एक सामान्य संगठनात्मक घटना नहीं, बल्कि जिले की भाजपा राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि भाजपा नेतृत्व इस इस्तीफे पर क्या रुख अपनाता है और रवि भगत की आगे की राजनीतिक रणनीति क्या होगी।
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