एक पेड़ मां के नाम” बना मजाक! 611 पौधे लगाए, 2 साल बाद सिर्फ मंत्री का पौधा जिंदा मिला“एक पेड़ मां के नाम” बना मजाक! 611 पौधे लगाए, 2 साल बाद सिर्फ मंत्री का पौधा जिंदा मिला
2 करोड़ की हरियाली योजना सूखी जमीन में दफन, अब फिर 50-60 लाख खर्च कर लगाए जाएंगे नए पौधे
रायगढ़। विश्व पर्यावरण दिवस पर बड़े-बड़े भाषणों और फोटो सेशन के बीच शुरू हुआ “एक पेड़ मां के नाम” अभियान अब सवालों के घेरे में है। उदना के नगर वन में दो साल पहले लगाए गए 611 पौधों में से लगभग सभी पौधे दम तोड़ चुके हैं, जबकि निरीक्षण में केवल तत्कालीन मंत्री ओपी चौधरी द्वारा लगाया गया पीपल का पौधा ही हरा-भरा नजर आया।
जिस नगर वन को 50 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित कर रायगढ़ की हरियाली का प्रतीक बनाना था, वहां आज सूखे पौधों के अवशेष विकास के दावों की पोल खोल रहे हैं। करोड़ों रुपये की योजना में पौधरोपण, ड्रिप सिस्टम, खाद और सिंचाई की व्यवस्था के दावे किए गए थे, लेकिन जमीन पर नतीजा शून्य दिखाई दे रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पौधे लगाने के बाद उनकी देखरेख भगवान भरोसे छोड़ दी गई, जिसका नतीजा यह हुआ कि 611 पौधों का अभियान अब सिर्फ कागजों और तस्वीरों में सिमट गया है।
दिलचस्प बात यह है कि अब वन विभाग उसी क्षेत्र में फिर से 50 से 60 लाख रुपये खर्च कर नए पौधे लगाने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब पहले लगाए गए पौधे ही नहीं बच पाए, तो नई राशि खर्च करने से पहले जिम्मेदारी तय होगी या नहीं?
पौधा लगाकर फोटो खिंचवाने वालों की फसल तो खूब लहलहाई, लेकिन पौधे सूख गए।






