रायगढ़। कहते हैं — “राजा वही बड़ा, जो संकट में खुद मिसाल बने”… और अब छत्तीसगढ़ की राजनीति में यही मिसाल पेश करने की कोशिश करते दिख रहे हैं प्रदेश के वित्त मंत्री और रायगढ़ विधायक । पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संभावित ईंधन संकट के बीच प्रधानमंत्री की अपील का असर ऐसा हुआ कि मंत्री जी ने अपने VIP ठाठ पर ही ब्रेक लगा दिया।
ओपी चौधरी ने ऐलान कर दिया है कि स्थिति सामान्य होने तक बेहद जरूरी सुरक्षा हालात छोड़कर न पायलट गाड़ी चलेगी, न पीछे फॉलो वाहन दौड़ेंगे और न ही बेवजह का VIP प्रोटोकॉल दिखेगा। यानी अब “हूटर वाली हनक” की जगह “बचत वाली सियासत” नजर आएगी।
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मोदी की अपील सुनते ही ओपी चौधरी ने VIP काफिले पर कसा ब्रेक, बोले- अब फूंक-फूंक कर जलेगा पेट्रोल
दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने 10 मई 2026 को देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने, अनावश्यक यात्रा कम करने और विदेशी मुद्रा की बचत करने की अपील की थी। इसके बाद रायगढ़ से ऐसा संदेश निकला कि राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई।
शहर में चर्चा है —
“जब खजाने का रखवाला ही पेट्रोल बचाने उतर जाए, तो समझ लो मामला बड़ा है!”
सोशल मीडिया पर भी जनता ने तंज और तारीफ का ऐसा तड़का लगाया कि पोस्ट वायरल होने लगी। एक यूजर ने लिखा —
“अब मंत्री जी के आगे सड़क नहीं खाली होगी, बल्कि पेट्रोल पंप वाले चैन की सांस लेंगे!”
वहीं दूसरे ने लिखा —
“समय का फेर देखिए… कल तक सायरन बजता था, आज बचत का भजन चल रहा है!”
लोग इसे VIP संस्कृति पर बड़ा वार मान रहे हैं। रायगढ़ में चाय दुकानों पर चर्चा है कि अगर मंत्री खुद काफिला कम कर सकते हैं, तो बाकी नेताओं को भी “ऊंट के मुंह में जीरा” वाली बचत नहीं, असली कटौती करनी चाहिए।
राजनीतिक जानकार इसे “एक तीर से दो निशाने” वाला दांव बता रहे हैं —
एक तरफ जनता के बीच सादगी का संदेश, दूसरी तरफ ईंधन बचत का बड़ा राजनीतिक मैसेज।
अब सवाल यही घूम रहा है —
“क्या बाकी मंत्री भी शौक की गाड़ी से उतरकर बचत की सड़क पकड़ेंगे… या फिर VIP ठाठ यूं ही पेट्रोल फूंकता रहेगा?”