📰 Jantatop.Com | विशेष रिपोर्ट
रायगढ़। वर्षों से लंबित केलो विहार कॉलोनी के पट्टा वितरण की प्रक्रिया एक बार फिर तेज हो गई है। प्रशासन ने दस्तावेज़ों की जांच और मांग पत्र जारी करने का काम शुरू कर दिया है। हालांकि, इस बीच वे लोग असमंजस में हैं जिन्होंने पट्टा नहीं मिलने की लंबी प्रतीक्षा के दौरान अपने प्लॉट बेच दिए थे।
जानकारी के अनुसार, पहले चरण में 174 आवेदकों से दस्तावेज़ मांगे गए थे। इनमें से 103 लोगों को मांग पत्र जारी किए गए हैं, जबकि लगभग 70 आवेदनों में दस्तावेज़ अधूरे पाए गए। अब मांग पत्र मिलने के बाद संबंधित हितग्राहियों को प्रीमियम और भू-भाटक की राशि जमा करनी होगी, जिसके बाद नजूल विभाग पट्टा जारी करेगा और उसकी रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होगी।
बताया जा रहा है कि प्लॉट के आकार के अनुसार प्रीमियम की राशि तय की गई है। 2400 वर्गफीट के प्लॉट के लिए करीब 9.50 लाख रुपये तक भुगतान करना पड़ सकता है। वर्तमान में पट्टा वर्ष 2056 तक (30 वर्ष) के लिए जारी किया जाएगा, जिसके बाद नियमानुसार उसका नवीनीकरण कराया जाएगा।
बेचे गए प्लॉटों पर क्या होगा?
सबसे बड़ी चिंता उन लोगों की है जिन्होंने वर्षों तक पट्टा नहीं मिलने के कारण अपने प्लॉट बेच दिए थे। प्रशासन के अनुसार, ऐसे मामलों में सर्वे रिपोर्ट और वास्तविक कब्जे की जांच की जाएगी। यदि मूल आवंटी का कब्जा अब भी है तो प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, लेकिन यदि किसी अन्य व्यक्ति का कब्जा पाया गया तो मामला फिलहाल अटक सकता है।
केलो विहार कॉलोनी के हजारों परिवार लंबे समय से स्वामित्व अधिकार की प्रतीक्षा कर रहे थे। अब प्रक्रिया शुरू होने से उम्मीद तो जगी है, लेकिन बेचे जा चुके प्लॉटों के मामलों में आगे क्या निर्णय होगा, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।






