📰 Jantatop.Com | विशेष जन-जागरण रिपोर्ट
खरसिया, 25 जून। खरसिया सिविल अस्पताल में एक 27 वर्षीय युवक की बवासीर के ऑपरेशन के दौरान हुई मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया और 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की।
मृतक की पहचान तोषणकर मिश्रा (प्रधुम्न) के रूप में हुई है, जो मूलतः रीवा का रहने वाला था और खरसिया में चाय की दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता था। परिजनों के अनुसार, वह बवासीर के इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती हुआ था, लेकिन ऑपरेशन के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल परिसर में देर तक तनाव की स्थिति बनी रही। परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण युवक की जान चली गई। उन्होंने दोषी डॉक्टरों और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने भी मामले की जांच कराने की बात कही है।
अब पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि ऑपरेशन के दौरान कोई चिकित्सकीय जटिलता हुई, तो उसका कारण क्या था? क्या सभी आवश्यक चिकित्सकीय मानकों का पालन किया गया था, या वास्तव में कहीं गंभीर लापरवाही हुई?
जनता पूछ रही है…
ऑपरेशन के दौरान आखिर ऐसा क्या हुआ जिससे युवक की मौत हो गई?
क्या इलाज के सभी मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन किया गया था?
यदि लापरवाही हुई है, तो जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होगी?
जांच रिपोर्ट कब सार्वजनिक होगी और पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलेगा?






