📰 Jantatop.Com | विशेष रिपोर्ट
एक गाड़ी से खुली परतें… अब पूरे सिस्टम पर उठ रहे सवाल
रायगढ़। बिजली विभाग के गोदाम से जुड़े कथित स्क्रैप मामले ने अब बड़ा रूप ले लिया है। जो मामला पहले एक गाड़ी और एक गेट पास तक सीमित दिखाई दे रहा था, अब उसमें फर्जी दस्तावेज, विभागीय लापरवाही और लंबे समय से चल रही संदिग्ध गतिविधियों की परतें खुलने लगी हैं।
जानकारी के मुताबिक, पहले एक वाहन को ऑनलाइन गेट पास के आधार पर छोड़ा गया, लेकिन बाद में उसी मामले में अदालत में अलग दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने की बात सामने आई। इससे पूरे मामले पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
⚠️ अब रायगढ़ में उठ रहे हैं ये बड़े सवाल
ऑनलाइन और मैन्युअल गेट पास अलग-अलग क्यों हैं?
अदालत में दूसरा दस्तावेज किसने प्रस्तुत किया?
जिम्मेदार अधिकारी कौन हैं?
अगर अनियमितताएं लंबे समय से चल रही थीं, तो कार्रवाई पहले क्यों नहीं हुई?
🚔 जांच बढ़ी तो बड़ी कार्रवाई तय!
यदि दस्तावेजों में कूटरचना और सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों पर गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज हो सकती है।
📢 जनता पूछ रही है…
क्या यह सिर्फ एक गाड़ी का मामला है, या फिर बिजली विभाग की संपत्तियों की निकासी का कोई बड़ा खेल लंबे समय से चल रहा था?
(नोट: मामला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होंगे।)
Jantatop.Com | सवाल जनता का, जवाब व्यवस्था से।






