रायगढ़। शहर के रिहायशी इलाकों में ट्रैफिक अव्यवस्था अब एक गंभीर जनसुरक्षा संकट का रूप ले चुकी है। निर्धारित नो एंट्री समय के बावजूद भारी वाहन (ट्रक/ट्रेलर) जूटमिल क्षेत्र से लगातार और बेखौफ शहर के अंदर प्रवेश कर रहे हैं, जिससे आम नागरिकों का जीना मुश्किल हो गया है। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि लोग अब अपने ही घरों के सामने सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे।
स्थानीय नागरिकों में गहरा आक्रोश है और वे सवाल उठा रहे हैं—
“क्या नागरिकों की सुरक्षा ट्रैफिक पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है? क्या लोगों की जान की कोई मूल्य नहीं रह गई है? और क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है?”
निवासियों का आरोप है कि जब ट्रक चालकों को रोका जाता है, तो वे खुलेआम कहते हैं— “मालिक ने बोला है 500-1000 देकर निकल जाओ।” यह बयान न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाता है, बल्कि पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है और संभावित मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
इस लापरवाही और मनमानी के चलते:
* रिहायशी गलियों में भारी वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है
* हर समय बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है
* आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनसे लोग दहशत में हैं
* बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और राहगीरों की सुरक्षा गंभीर रूप से खतरे में है
* ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमराकर रह गई है
* धूल, ध्वनि प्रदूषण और अव्यवस्था ने जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित किया है
हैरानी की बात यह है कि इतने गंभीर हालात के बावजूद प्रशासन और ट्रैफिक विभाग की निष्क्रियता साफ नजर आ रही है। न तो नो एंट्री नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है, और न ही दोषियों पर कोई प्रभावी कार्रवाई दिखाई दे रही है।
स्थानीय लोगों के पास इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो प्रमाण भी मौजूद हैं, जिनमें स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि नो एंट्री समय में जूटमिल क्षेत्र से भारी वाहनों की आवाजाही बेरोकटोक जारी है।
जनता की प्रमुख मांगें:
* जूटमिल क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से सख्त बैरिकेडिंग और स्थायी चेकिंग पॉइंट स्थापित किए जाएं
* नो एंट्री नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए
* दोषी ट्रक मालिकों और चालकों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए
* संबंधित ट्रैफिक और पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए
* रिहायशी इलाकों में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया जाए
स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही इस गंभीर मुद्दे पर ठोस और कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे व्यापक जनआंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
— आक्रोशित स्थानीय नागरिक, रायगढ़






