“पहले सपना दिखाया विकास का… अब पहुंचने लगे नोटिस!” 22 करोड़ी ‘केनाल लिंक’ प्रोजेक्ट पर रायगढ़ में बढ़ा बवाल, रहवासियों में दहशत रायगढ़। शहर का बहुचर्चित “केनाल लिंक” प्रोजेक्ट अब सिर्फ सड़क निर्माण की योजना नहीं रह गया है। अब यह मामला सीधे-सीधे घर, रोज़ी-रोटी और राजनीतिक भरोसे की लड़ाई बनता जा रहा है। कहावत है — > “जब हाथी निकलता है, तो सबसे पहले झोपड़ियां कांपती हैं।” और फिलहाल रायगढ़ में कुछ ऐसा ही माहौल दिखाई दे रहा है। करीब ₹22.55 करोड़ी इस परियोजना को लेकर पहले ही सवाल उठ रहे थे कि आखिर यह “केनाल लिंक” है या “सड़क चौड़ीकरण मिशन”? लेकिन अब मामला और गरमा गया है, क्योंकि जिन घरों और निर्माणों पर कार्रवाई की आशंका जताई जा रही थी, वहां अब नगर निगम के नोटिस पहुंचने शुरू हो गए हैं। “पहले नक्शा बना… अब नोटिस पहुंचा” नगर निगम द्वारा जारी नोटिस में संबंधित निर्माण को “बिना अनुमति” बताया गया है और अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। यानी जिस डर की चर्चा गलियों और चौपालों में हो रही थी… अब वह सरकारी कागज़ पर उतर चुका है। स्थानीय लोग तंज में कह रहे हैं — > “पहले विकास का पोस्टर चिपका… अब नोटिस का कागज़।” और एक बुजुर्ग की बात अब इलाके में खूब दोहराई जा रही है — > “सरकारी सड़क जब मुड़ती है… तो गरीब की दीवार पहले टूटती है।” “22 करोड़ी टेंडर… और मैदान में सिर्फ एक खिलाड़ी?” पूरे प्रोजेक्ट में सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि आखिर इतने बड़े प्रोजेक्ट में केवल एक ही टेंडर कैसे आया? अब शहर में लोग खुलकर तंज कस रहे हैं — > “दाल में कुछ काला है… या पूरी दाल ही काली है?” > “ऊंट के मुंह में जीरा नहीं… यहां तो पूरा ऊंट ही गायब दिख रहा है!” सूत्रों की मानें तो इस परियोजना में केनाल/नाले का हिस्सा बेहद सीमित और सड़क निर्माण का हिस्सा ज्यादा बताया जा रहा है। यही वजह है कि अब लोग पूछ रहे हैं — > “नाम केनाल लिंक… लेकिन असली खेल सड़क का?” — रहवासियों में डर — “अब अगला नंबर किसका?” इंदिरा नगर-जोगीडीपा क्षेत्र में अब बेचैनी साफ दिखाई देने लगी है। लोगों को डर है कि नोटिस के बाद बुलडोजर कार्रवाई का रास्ता तैयार किया जा रहा है। कई परिवारों का कहना है — > “दशकों से बसे लोगों को अचानक अवैध बताना कहां का न्याय है?” > “अगर सड़क ही बनानी थी तो पहले पुनर्वास और मुआवज़े की बात क्यों नहीं हुई?” इलाके में अब एक और लाइन खूब सुनाई दे रही है — > “जिसका घर नहीं टूट रहा… वही विकास पर सबसे ज्यादा भाषण दे रहा।” — ⚠️ सियासत भी गरमाई इस पूरे मामले में पहले ही विपक्ष मोर्चा खोल चुका है। अब नोटिस सामने आने के बाद राजनीति का पारा और चढ़ गया है। कांग्रेस पहले ही चेतावनी दे चुकी है कि यदि गरीबों और मध्यम वर्ग के आशियानों पर बुलडोजर चला, तो सड़क से सदन तक आंदोलन होगा। अब लोग कह रहे हैं — > “सड़क बनने से पहले राजनीति की सड़क गरम हो गई है।” — अब जनता के सवाल और भी तीखे हो गए हैं 👉 क्या नोटिस सिर्फ शुरुआत है? 👉 कितने घर और दुकानें इसकी जद में आएंगे? 👉 पुनर्वास योजना कहां है? 👉 क्या कार्रवाई सभी पर बराबरी से होगी? 👉 और आखिर 22 करोड़ी प्रोजेक्ट में सिर्फ एक ही ठेकेदार क्यों दिखाई दिया? फिलहाल रायगढ़ में चर्चा तेज है… नोटिस ने डर बढ़ा दिया है… और “केनाल लिंक” अब सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि शहर की सबसे बड़ी राजनीतिक और सामाजिक बहस बन चुका है। अब देखना होगा कि यह परियोजना रायगढ़ को नई सड़क देगी… या फिर शहर में नया सियासी तूफान खड़ा करेगी। — Jantatop.Com Janta Top
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