क्या निगम के कुछ खास लोगों की विशेष कृपा से आगे बढ़ रहा करोड़ों का प्रोजेक्ट?
रायगढ़। Jantatop.com
केवड़ाबाड़ी चौक से किरोड़ीमल चौक तक प्रस्तावित सड़क निर्माण परियोजना अब सिर्फ विकास कार्य नहीं, बल्कि शहर में नई राजनीतिक और प्रशासनिक बहस का कारण बनती जा रही है। नगर निगम परिषद की विशेष बैठक में सामने आए प्रस्ताव के बाद अब लोगों के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि आखिर यह सड़क जनता की सुविधा के लिए बन रही है या किसी कंपनी की ब्रांडिंग के लिए?
दस्तावेज़ों के अनुसार सड़क निर्माण, डिवाइडर सौंदर्यीकरण, रोड मार्किंग, संकेतक और मेंटेनेंस तक का जिम्मा Jindal Steel को दिए जाने की बात कही गई है। इसके बाद शहर में चर्चा शुरू हो गई कि कहीं भविष्य में इस सड़क का नाम “ओपी जिंदल मार्ग” रखने की तैयारी तो नहीं चल रही।
“जनता का पैसा… कंपनी का नाम?”
करीब 3 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को लेकर सबसे बड़ा सवाल अब खर्च पर खड़ा हो गया है। शहर के लोग पूछ रहे हैं—
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सड़क का पैसा आखिर देगा कौन?
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नगर निगम फंड खर्च होगा या कंपनी CSR के नाम पर काम करेगी?
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अगर जनता के टैक्स के पैसे से सड़क बनेगी तो फिर नाम किसी निजी कंपनी का क्यों?
लोगों का कहना है कि “ऊंट के मुंह में जीरा” जैसे छोटे CSR काम अलग बात हैं, लेकिन शहर की मुख्य सड़क पर कंपनी की छाप छोड़ने की कोशिश कई सवाल खड़े कर रही है।
क्या निगम के कुछ लोगों की विशेष कृपा?
शहर में यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि निगम के कुछ प्रभावशाली लोगों की “विशेष कृपा” से यह पूरा प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। विपक्षी खेमे और कई स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या नगर निगम अब सार्वजनिक परियोजनाओं को निजी कंपनियों के प्रभाव में सौंपने की राह पर चल पड़ा है?
हालांकि अब तक निगम प्रशासन की ओर से इस पर कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।
नामकरण को लेकर कानाफूसी तेज
सूत्रों की मानें तो पहले भी निगम और कंपनी प्रबंधन के बीच सड़क के नामकरण को लेकर अनौपचारिक चर्चाएं हो चुकी हैं। हालांकि किसी आधिकारिक दस्तावेज़ में अभी तक “ओपी जिंदल मार्ग” का उल्लेख नहीं है, लेकिन शहर में “बिना आग धुआं नहीं उठता” वाली चर्चा लगातार चल रही है।
जनता पूछ रही — विकास या ब्रांडिंग?
फिलहाल पूरे मामले ने शहर में एक नई बहस छेड़ दी है। लोग अब खुलकर पूछ रहे हैं—
“सड़क जनता की… रखरखाव कंपनी का… और नाम भी कंपनी का?”






