ओपी चौधरी का विजन: रायगढ़ बनेगा छत्तीसगढ़ का सबसे मॉडल टाउन, विकास और पर्यावरण साथ-साथ अत्याधुनिक बस टर्मिनल, मरीन ड्राइव, ऑक्सीजन जोन और आधुनिक शहरी सुविधाओं से बदलेगी शहर की तस्वीर
रायगढ़, 22 जून। प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने सोमवार को शहर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का व्यापक निरीक्षण कर अधिकारियों को गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि रायगढ़ को सिर्फ एक विकसित शहर नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का सबसे आधुनिक, सुव्यवस्थित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार “मॉडल टाउन” बनाया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीन ड्राइव, अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी), ऑक्सीजन जोन, मितान तालाब, किसान राइस मिल ऑक्सीजन जोन तथा अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं का जायजा लिया और मौके पर मौजूद अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट ली।
ओपी चौधरी ने कहा कि रायगढ़ के विकास का मॉडल केवल इमारतों और सड़कों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें बेहतर यातायात व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, हरित क्षेत्र, सार्वजनिक सुविधाएं और नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने वाले सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा।
नवंबर तक काम पूरा करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि मरीन ड्राइव सहित सभी प्रमुख परियोजनाओं का निर्माण कार्य नवंबर माह तक हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि शहरवासियों को जल्द से जल्द इनका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि अधूरे कार्यों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
अंतरराज्यीय बस टर्मिनल बनेगा नई पहचान
आईएसबीटी परियोजना को रायगढ़ की सबसे महत्वपूर्ण शहरी परियोजनाओं में से एक बताया गया। यहां एक साथ लगभग 30 बसों के संचालन और करीब 550 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था विकसित की जा रही है। साथ ही बसों की मरम्मत और रखरखाव के लिए अलग कार्यशाला भी बनाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह बस टर्मिनल केवल वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि आने वाले 40 वर्षों की आवश्यकताओं को देखते हुए तैयार किया जा रहा है, जिससे रायगढ़ की प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों से कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर
ओपी चौधरी ने कहा कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विरोधी नहीं बल्कि पूरक हैं। इसलिए शहर में ऑक्सीजन जोन, हरित क्षेत्र और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों के दौरान नागरिकों की सुविधाओं और पर्यावरणीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी इसका लाभ मिल सके।
रायगढ़ को मिलेगी नई पहचान
अगर सभी परियोजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं तो आने वाले वर्षों में रायगढ़ केवल औद्योगिक शहर के रूप में नहीं, बल्कि बेहतर यातायात, आधुनिक सुविधाओं, स्वच्छ वातावरण और सुव्यवस्थित शहरी विकास के लिए पूरे छत्तीसगढ़ में एक नई पहचान स्थापित करेगा।
संदेश स्पष्ट है – रायगढ़ को भविष्य के शहर के रूप में तैयार करने की बड़ी तैयारी शुरू हो चुकी है और प्रशासन अब विकास की गति को जमीन पर उतारने में जुट गया है।